हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने संजय भाटिया को उतारा मैदान में, कांग्रेस प्रत्याशी पर सस्पेंस
- By Gaurav --
- Thursday, 05 Mar, 2026
Haryana Rajya Sabha elections: BJP fields Sanjay Bhatia,
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने करनाल से पूर्व सांसद Sanjay Bhatia को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुनावी बढ़त लेने की कोशिश की है। संजय भाटिया 5 मार्च (गुरुवार) को नामांकन दाखिल करेंगे। राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है।
5 मार्च को नामांकन
भाजपा ने समय रहते उम्मीदवार की घोषणा कर रणनीतिक बढ़त बनाने का प्रयास किया है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वे संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar के करीबी माने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा के पास पर्याप्त विधायक होने के कारण भाटिया को बड़ी चुनौती की संभावना कम है।
कौन हैं संजय भाटिया?
संजय भाटिया का जन्म 29 जुलाई 1967 को हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ था। उन्होंने आईबी कॉलेज, पानीपत से बीकॉम की पढ़ाई की और Kurukshetra University से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। छात्र जीवन से ही वे भाजपा की छात्र इकाई Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) से जुड़े रहे।
उनका राजनीतिक सफर संगठनात्मक जिम्मेदारियों से शुरू हुआ।
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1987 में मंडल सचिव बने
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1989 में एबीवीपी के जिला महासचिव
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1998 में भाजपा युवा मोर्चा के राज्य महासचिव नियुक्त हुए
2019 के लोकसभा चुनाव में वे करनाल से सांसद निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 6.56 लाख से अधिक मतों के बड़े अंतर से हराया था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काटकर मनोहर लाल खट्टर को मैदान में उतारा था। टिकट कटने के बाद भी भाटिया संगठन में सक्रिय रहे। वे हरियाणा खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी पर नजर
भाजपा की घोषणा के बाद अब सबकी निगाहें Indian National Congress (कांग्रेस) पर टिकी हैं। कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। सियासी हलकों में चर्चा है कि अंबाला के मुलाना से जुड़े नेता कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।
दो सीटों पर दिलचस्प समीकरण
हरियाणा से राज्यसभा सांसद Kiran Choudhry और Ram Chandra Jangra का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। दोनों सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा।
विधानसभा में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
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भाजपा: 48 विधायक
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कांग्रेस: 37 विधायक
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निर्दलीय: 3 विधायक
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इनेलो: 2 विधायक
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कुल वैध मत: 90
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 31 मत आवश्यक हैं।
संभावित गणित
भाजपा 48 विधायकों के समर्थन से एक उम्मीदवार को आसानी से जिता सकती है। इस आधार पर संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा के पास 17 वोट अतिरिक्त बचेंगे।
कांग्रेस 37 विधायकों के साथ अपने एक उम्मीदवार को 31 मत देकर जीत दिला सकती है, जिससे उसके पास 6 वोट शेष रहेंगे।
यदि भाजपा दूसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारती है, तो उसे निर्दलीयों और इनेलो के समर्थन के अलावा कम से कम 9 क्रॉस वोट की आवश्यकता होगी, जो फिलहाल मुश्किल दिखाई देता है।
क्या बदलेगा समीकरण?
मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही है। हालांकि अंतिम समय में रणनीति, क्रॉस वोटिंग या निर्दलीय समर्थन राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है और अब सभी की नजरें कांग्रेस की अगली घोषणा पर टिकी हैं।